शहीदो को सलाम

देश हित मे जो  परिवार को भूल जाते हैं,                        मातृभूमि का कर्ज चुकाने को माँ  का दमन छोड़ जाते हैं,    हम जिए चैन से इसलिए वो खुद बेचैन रहते,                    हमारे लिए हँस के दुश्मन की गोली खाते हैं।।               
    हम जो हैं उनसे उन्हें एक सला करना भूल जाते है,            जो हमारी खातिर ही धूूल मे मे जाते हैं,                       क्यों हम धर्म जाति का भेद भाव करके उनके सपनों को भूल जाते है।                                                           
पुलवामा के शहीदों को  आखिरी सलामी
-जया

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